Area 51 Hidden Truth in Hindi

hidden truth about area 51

Area 51 दुनिया की रहस्यमयी जगह में से एक है जो US स्टेटस का एक मिलिट्री इलाका है एरिया 51 के बारे में बहुत काम लोगो को ही पता है क्युकी अमेरिकी सरकार ने एरिया 51 जैसी कोई जगह होने के दावे को ठुकराती रही है यही नहीं बल्कि एरिया 51 दुनिया के किसी भी नक़्शे यह तक की गूगल मैप  में भी नहीं देखा जा सकता| तो इस आर्टिकल में हम storm एरिया 51 इवेंट क्या था| एलियन को लेकर इसके दावों के बारे में पढ़ेंगे|

area 51 warning sign board

Storm Area 51

वैसे तो सोशल मीडिया में आये दिन कोई न कोई meme या इवेंट ट्रेंड में रहता ही है| कुछ समय पहले इसी तरह का एक इवेंट शुरू हुआ था | जिसका नाम था They Can’t Stop All of Us. ये इवेंट फेसबुक के तीन पेज “Shitposting cuz im in shambles,” “Smyleekun” and “The Hidden Sound” में 27 जून 2019 को शुरू हुआ| जिसके हिसाब से वो लोग 20 सितम्बर 2019 को सुबह 3:00 बजे एरिया 51 के अंदर घुसेंगे| देखते ही देखते इस इवेंट को 1.8 मिलियन यानि की 18 लाख लोगो ने join कर लिया| 3 अगस्त 2019 को ये पेज फेस बुक से रिमूव हो गया |

किसने बनाया ये इवेंट

कैलिफ़ोर्निया के 20 साल का लड़का Matty Roberts जो की बेकर्सफ़ील्ड कॉलेज का स्टूडेंट था, उसने माना की ये इवेंट उसने बनाया है| शुरू के दिनों में तो ज़्यादा लोगो ने रिस्पांस नहीं दिया| लेकिन 8 जुलाई के आते ही 1 लाख 20 हजार लोगो ने इसे join कर लिया| फिर अगले दो दिन में ही इसका आकड़ा करीब 2 लाख 23 तक पहुंच गया| 22 जुलाई तक आते-आते ये आकड़ा फिर से दो गुना हो गया करीब 4 लाख लोग इसे join कर चुके थे, और अंत में करीब 18 लाख लोगो ने इसे join कर लिया|
जिसके देख कर US एयर फाॅर्स को चेतावनी जारी करनी पड़ी की इस एरिया में घुसना खतरे से खाली नहीं है|

क्या Area 51 पर एलियन दिखाई देते है?

वर्ल्ड वॉर 2 में ट्रेनिंग के लिए ऐसी तरह के काफी एरिया बनाये गए थे, पर इन सभी में से एरिया 51 काफी ज्यादा लोकप्रिया हो गया| एलियंस को देखे जाने की खबर पूरी दुनिया से आती रहती है पर Area 51 में एलियंस को देखना कोई असामान्य बात नहीं है| एरिया 51 में काम कर चुके एक साइंटिस्ट बोयड बुशमैन ने 2014  में बताया की एरिया 51 में दूसरी दुनिया से आये जीव या आसान भाषा में कहे तो एलियंस से बाते क्र चुके है यही नहीं वहां काम कर चुके लोग आये दिन  कोई न कोई दवा करते रहते ह एलियंस को लेकर | 

aliens

Area 51 में होती है एलियंस पर रिसर्च-

1947 में किआ गए एक दावे की माने तो वहाँ पर एक UFO दुर्घटना ग्रस्त हो गया था. जिसमे से एक एलियन का शव भी मिला था. जिसकी बॉडी और वो UFO आज भी एरिया 51 में रखा गया है जिस पर साइंटिस्ट रिसर्च करते है| 
1947 की इस दुर्घटना के बाद एयर फाॅर्स ने एक प्रोजेक्ट शुरू किया जिसका नाम था “प्रॉजेक्ट ब्लू बुक ” जिसमे वो UFO के दावे पर जानकारी इक्कठी करते थे 1969 के आते आते ये प्रोजेक्ट बंद कर दिया गया जब तक 12000 से भी ज़्यादा दावों पर जांच हो चुकी थी | 

area 51 sign board

Area 51 में है नुक्लेअर प्लांट-

लोगो का मानना है यहाँ पर नुक्लेअर प्लांट है जिस्मे काफी नुक्लेअर वेपन बनाये जाते है तथा U 2 spy plains की टेस्टिंग भी यही हुई थी |

वहाँ की आर्मी ने इस जगह के आस पास बसे लोगो को वहाँ से हटाया था जिसका कारण आज तक किसी को नहीं दिए गया | 

नहीं उड़ने दिया जाता हवाई जहाज को –

Area 51 के ऊपर से ड्रोन को उड़ाने की इज़ाज़त नहीं है यही नहीं इसके ऊपर से गुजरने की कोशिश करने वाले हवाई जहाजों को एयर ट्रैफिक कंट्रोल उसे तुरंत अपना रास्ता बदलने को कहता है | 

plane

कितना खतरनाक है Area 51 ?

अगर आप यहाँ एलियंस नुक्लेअर वेपन से बच भी गए तो भी आप खतरों से निकले  नहीं है क्युकी वह की सर्कार ने इस एरिया में आने वाले किसी भी आम आदमी को मारने का आदेश दिया हुआ है और इस जगह पर काफी जहरीले मैटेरियल्स को डंप किआ गया है जिससे स्किन डिसीस से लेकर भयानक कैंसर जैसी बीमारिया तक हो जाती है |

alien ship

पहली बार जब दुनिया के सामने आया एरिया 51

पहली बार अगस्त 2013 में सुचना के अधिकार के तहत CIA से लॉकहीड यू 2 के बारे पूछा गया| इसके बाद CIA ने काफी डॉक्यूमेंट रिलीज़ किये, और बताया की कैसे एरिया 51 यू 2 एयरक्राफ्ट की टेस्टिंग और निर्माण जुड़ा हैं| इसी तरह इतिहास पहली बार Area 51 का आधिकारिक रूप से जिक्र हुआ|
CIA ने बताया की कैसे 1955 से वहाँ पर फ्लाइट्स की टेस्टिंग होती है ख़ुफ़िया रूप से|

air craft

क्या था U-2

कोल्ड वॉर के दौरान अमेरिका और सोवियत दोनों में तनाव की स्थिति थी| जिसके चलते दोनों एक दूसरे पर कड़ी निगरनिया रखने लगे ताकि पता चल सके की वो किस चीज को करने की तैयारी कर रहे हैं| अमेरिका एयरफोर्स और नेवी की टोलिया भेजता था, जिससे काफी नुकसान होता था, जाने भी जाती थी, और ये पकडे भी जाते थे| लेकिन फिर भी सोवियत के काफी इलाको में पहुंचना मुश्किल था| जिसके चलते अमरीकी एयरफोर्स ने अधिक ऊँचाई पर उड़ने वाले विमान बनाना शुरू कर दिया| जिससे वे दूर आकाश में उड़ कर बिना किसी की निगाह में आये कही भी आ जा सके| यही था U-2.


U-2 किसके पास आएगा ये भी काफी रोचक था, क्युकी CIA और अमेरिकी एयरफोर्स दोनों ही चाहती थी की U-2 उनके पास आये| पर अंत में ये मिला CIA को, जिसको चलाते थे अंडरकवर एजेंट और उनकी मदद एयरफोर्स करता था|
1950 के दशक में एयरक्राफ्ट 10-30 हजार फ़ीट तक उड़ पाते थे, पर ये U-2 60 हजार फ़ीट तक उड़ पाते थे| U-2 अमेरिका का जासूसी प्लेन था| जिसका मकसद हवाई रास्ते से जासूसी करना वो भी बिना किसी के निगाह में आये| 1956 में जब इसने अपनी पहली उड़न भरी सोवियत के खिलाफ वॉर में जानकारी बटोरने के लिये|

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